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त्योहार गाइड

राम नवमी 2031

राम नवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का उत्सव है।

1605 दिन शेष
तिथि
मंगल, 1 अप्रैल 2031
मुख्य मुहूर्त
पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) · 10:47 पूर्वाह्न – 1:16 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • अभिजित मुहूर्त50मि
  • ब्रह्म मुहूर्त46मि
  • अमृत काल1घं 47मि

इन समयों से बचें

  • दुर्मुहूर्त50मि
  • यम गण्डम1घं 33मि
  • राहु काल1घं 33मि
  • दुर्मुहूर्त46मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:50 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:14 अपराह्न
चंद्रोदय
12:37 अपराह्न
चंद्रास्त
1:56 पूर्वाह्न

पर्व का दिन

मंगल, 1 अप्रैल का पंचांग

तिथि
नवमी, फिर दशमी
नक्षत्र
पुनर्वसु
योग
अतिगंड
करण
बालव
पक्ष
शुक्ल
मास
चैत्र
तिथि
नवमीआरंभ समाप्त फिर दशमीसमाप्त
नक्षत्र
पुनर्वसुआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • रोगबचें
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • शुभउत्तम
  • रोगबचें

रात

  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें

कहानी

राम नवमी: महत्व और अनुष्ठान

उनका जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न में हुआ था। यह त्योहार धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है।

अनुष्ठान

सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखें। मध्याह्न में राम पूजा करें, रामायण पाठ करें, भजन गाएँ, राम मंदिर जाएँ। बाल राम की मूर्ति को पालने में रखें।

व्रत

पूरे दिन का व्रत सूर्यास्त के बाद तोड़ा जाता है। जो पूर्ण व्रत नहीं रख सकते उनके लिए फल और दूध की अनुमति है।

स्थानीय रंग

वाराणसी में राम नवमी

वाराणसी में भव्य राम नवमी समारोह होते हैं। संकट मोचन मंदिर और तुलसी मानस मंदिर विशेष आयोजन करते हैं। सजे हुए रथों के साथ शोभा यात्रा पुराने शहर से गुज़रती है। रामनगर किले में भी समारोह होते हैं।

आगे देखें

राम नवमी पर और