त्योहार गाइड
वसंत पंचमी 2026
वसंत पंचमी बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है।
संपन्न
- तिथि
- शुक्र, 23 जनवरी 2026
- मुख्य मुहूर्त
- सरस्वती पूजा मुहूर्त · 6:44 पूर्वाह्न – 12:09 अपराह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त43मि
- ब्रह्म मुहूर्त53मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त43मि · सरस्वती पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
- राहु काल1घं 21मि · सरस्वती पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
- दुर्मुहूर्त43मि
- यम गण्डम1घं 21मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 6:44 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 5:35 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 9:32 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त
- 9:49 अपराह्न
पर्व का दिन
शुक्र, 23 जनवरी का पंचांग
- तिथि
- पंचमी, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपद
- योग
- परिघ
- करण
- बव
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- माघ
- तिथि
- पंचमीआरंभ समाप्त फिर षष्ठीसमाप्त
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
रात
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
कहानी
वसंत पंचमी: महत्व और अनुष्ठान
पीला रंग इस दिन का रंग है, जो सरसों के खेतों का प्रतीक है।
अनुष्ठान
पीले कपड़े पहनें। सरस्वती पूजा करें — मूर्ति के पास किताबें, वाद्य यंत्र और कलम रखें। पीले फूल और मिठाइयाँ अर्पित करें। बंगाल में यह दिन भव्य पंडालों के साथ सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है।
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