त्योहार गाइड
वसंत पंचमी 2030
वसंत पंचमी बसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है।
1199 दिन शेष
- तिथि
- गुरु, 7 फ़रवरी 2030
- मुख्य मुहूर्त
- सरस्वती पूजा मुहूर्त · 6:38 पूर्वाह्न – 12:12 अपराह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त45मि
- ब्रह्म मुहूर्त51मि
इन समयों से बचें
- यम गण्डम1घं 24मि · सरस्वती पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
- दुर्मुहूर्त45मि · सरस्वती पूजा मुहूर्त के समय से टकराता है
- राहु काल1घं 24मि
- दुर्मुहूर्त45मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 6:38 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 5:46 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 9:11 पूर्वाह्न
- चंद्रास्त
- 10:05 अपराह्न
पर्व का दिन
गुरु, 7 फ़रवरी का पंचांग
- तिथि
- पंचमी, फिर षष्ठी
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपद
- योग
- साध्य
- करण
- बव
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- माघ
- तिथि
- पंचमीआरंभ समाप्त फिर षष्ठीसमाप्त
- नक्षत्र
- उत्तरा भाद्रपदआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- शुभउत्तम
- रोगबचें
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- शुभउत्तम
रात
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
कहानी
वसंत पंचमी: महत्व और अनुष्ठान
पीला रंग इस दिन का रंग है, जो सरसों के खेतों का प्रतीक है।
अनुष्ठान
पीले कपड़े पहनें। सरस्वती पूजा करें — मूर्ति के पास किताबें, वाद्य यंत्र और कलम रखें। पीले फूल और मिठाइयाँ अर्पित करें। बंगाल में यह दिन भव्य पंडालों के साथ सरस्वती पूजा के रूप में मनाया जाता है।
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