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काशी पंचांग — बुधवार, 21 जनवरी 2026

माघ, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2082

काशी (वाराणसी) · बुधवार, 21 जनवरी 2026 · भारतीय समय (IST)

तिथि और नक्षत्र

तिथि
तृतीयासमाप्त , फिर चतुर्थी
नक्षत्र
धनिष्ठा (पद 3)समाप्त , फिर शतभिषा

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

मुहूर्त और राहु काल

अभिजित मुहूर्त
आज नहीं: उसी समय दुर्मुहूर्त है।
राहु काल

पूरा पंचांग

बुध, 21 जनवरी का पूरा पंचांग

वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
तृतीया आरंभ समाप्त चतुर्थी समाप्त
नक्षत्र
धनिष्ठा आरंभ समाप्त शतभिषा समाप्त सूर्योदय पर चरण 3
योग
व्यतीपात आरंभ समाप्त वरीयान समाप्त
करण
तैतिल आरंभ समाप्त गर समाप्त वणिज समाप्त
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
माघ
मास (अमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082 कालयुक्ति
शक संवत
1947 विश्वावसु
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
मकर
चंद्र राशि
कुंभ आरंभ
सूर्य नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
दिनमान / रात्रिमान
10 घं 49 मि / 13 घं 11 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
53मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 19मि
विजय मुहूर्त
43मि
गोधूलि मुहूर्त
26मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 19मि
निशिता मुहूर्त
53मि
अभिजित मुहूर्त
आज अभिजित मुहूर्त नहीं: उसी समय दुर्मुहूर्त है।

अशुभ समय

यमगण्ड
1घं 21मि
गुलिक काल
1घं 21मि
दुर्मुहूर्त
43मि
राहु काल
1घं 21मि
वर्ज्य
1घं 38मि
दिशा शूल
उत्तर दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम

रात

  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ

अष्टम चन्द्र: कर्क राशि (पुनर्वसु (चरण 4), पुष्य, आश्लेषा) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम 1:58 अपराह्न तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक

उदय लग्न

  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन
  • कर्क
  • सिंह
  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल

रात

  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ

होरा, दिन और रात

दिन

  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र

रात

  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द

नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

आज रात और आज

दिन के लिए और