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काशी पंचांग — सोमवार, 17 अगस्त 2026

श्रावण, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083

तिथि
पंचमीसमाप्त , फिर षष्ठी
नक्षत्र
चित्रा (पद 1)समाप्त , फिर स्वाति
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
राहु काल
अभिजित मुहूर्त

पर्व और व्रत

पूरा पंचांग

सोम, 17 अगस्त का पूरा पंचांग

वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
पंचमी आरंभ समाप्त षष्ठी समाप्त
नक्षत्र
चित्रा आरंभ समाप्त स्वाति समाप्त सूर्योदय पर चरण 1
योग
शुभ आरंभ समाप्त शुक्ल समाप्त
करण
बालव आरंभ समाप्त कौलव समाप्त तैतिल समाप्त
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
मास (अमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2083 सिद्धार्थी
शक संवत
1948 पराभव
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
कर्क
चंद्र राशि
कन्या आरंभ समाप्त तुला
सूर्य नक्षत्र
आश्लेषा
दिनमान / रात्रिमान
12 घं 59 मि / 11 घं 1 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
44मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 6मि
अभिजित मुहूर्त
52मि
विजय मुहूर्त
52मि
गोधूलि मुहूर्त
22मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 6मि
अमृत काल
1घं 41मि
निशिता मुहूर्त
44मि

अशुभ समय

राहु काल
1घं 37मि
यमगण्ड
1घं 37मि
वर्ज्य
1घं 41मि
दुर्मुहूर्त
52मि
गुलिक काल
1घं 37मि
दुर्मुहूर्त
52मि
दिशा शूल
पूर्व दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम

रात

  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम 4:19 अपराह्न तक

मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

अष्टम चन्द्र: कुंभ राशि (धनिष्ठा (चरण 3–4), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

अष्टम चन्द्र: मीन राशि (पूर्वा भाद्रपद (चरण 4), उत्तरा भाद्रपद, रेवती) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम मंगल, 18 अगस्त, 4:58 पूर्वाह्न तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक

उदय लग्न

  • कर्क
  • सिंह
  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • विषम्अशुभ
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • उथीउत्तम

रात

  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • विषम्अशुभ
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति

होरा, दिन और रात

दिन

  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान

रात

  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी

पर्व और व्रत

नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

आज रात और आज

दिन के लिए और