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काशी पंचांग — रविवार, 4 अक्टूबर 2026

आश्विन, कृष्ण पक्ष · विक्रम संवत 2083

तिथि
अष्टमीसमाप्त , फिर नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु (पद 1)समाप्त , फिर पुष्य
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
राहु काल
अभिजित मुहूर्त

पर्व और व्रत

  • अष्टमी श्राद्ध (दिन 8)

पूरा पंचांग

रवि, 4 अक्टूबर का पूरा पंचांग

वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
अष्टमी आरंभ समाप्त नवमी समाप्त दशमी समाप्त
नक्षत्र
पुनर्वसु आरंभ समाप्त पुष्य समाप्त सूर्योदय पर चरण 1
योग
परिघ आरंभ समाप्त शिव समाप्त
करण
कौलव आरंभ समाप्त तैतिल समाप्त गर समाप्त वणिज समाप्त
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
मास (अमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083 सिद्धार्थी
शक संवत
1948 पराभव
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
कन्या
चंद्र राशि
मिथुन आरंभ समाप्त कर्क
सूर्य नक्षत्र
हस्त
दिनमान / रात्रिमान
11 घं 51 मि / 12 घं 10 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
49मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 13मि
अभिजित मुहूर्त
47मि
विजय मुहूर्त
47मि
गोधूलि मुहूर्त
24मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 13मि
अमृत काल
1घं 31मि
निशिता मुहूर्त
49मि

अशुभ समय

यमगण्ड
1घं 29मि
वर्ज्य
1घं 31मि
गुलिक काल
1घं 29मि
दुर्मुहूर्त
47मि
राहु काल
1घं 29मि
दिशा शूल
पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें

रात

  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम 6:31 अपराह्न तक

मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

अष्टम चन्द्र: वृश्चिक राशि (विशाखा (चरण 4), अनुराधा, ज्येष्ठा) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुंभ

अष्टम चन्द्र: धनु राशि (मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा (चरण 1)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम सोम, 5 अक्टूबर, 12:13 पूर्वाह्न तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक

उदय लग्न

  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन
  • कर्क
  • सिंह

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ

रात

  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति

होरा, दिन और रात

दिन

  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द

रात

  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र

पर्व और व्रत

अष्टमी श्राद्ध (दिन 8)

नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

आज रात और आज

दिन के लिए और