काशी पंचांग — सोमवार, 19 अक्टूबर 2026
आश्विन, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083
- तिथि
- अष्टमीसमाप्त , फिर नवमी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा (पद 3)समाप्त , फिर श्रवण
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- राहु काल
- अभिजित मुहूर्त
पर्व और व्रत
- दुर्गा अष्टमी (महा अष्टमी)
- दुर्गा अष्टमी (दिन 8)
- महा नवमी
- महा नवमी (दिन 9)
पूरा पंचांग
सोम, 19 अक्टूबर का पूरा पंचांग
वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
पंचांग
- तिथि
- अष्टमी आरंभ समाप्त नवमी समाप्त
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा आरंभ समाप्त श्रवण समाप्त सूर्योदय पर चरण 3
- योग
- धृति आरंभ समाप्त शूल समाप्त
- करण
- बव आरंभ समाप्त बालव समाप्त कौलव समाप्त
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- शुक्ल
मास और संवत
- मास (पूर्णिमांत)
- आश्विन
- मास (अमांत)
- आश्विन
- विक्रम संवत
- 2083 सिद्धार्थी
- शक संवत
- 1948 पराभव
- ऋतु
- शरद
- अयन
- दक्षिणायन
सूर्य और चंद्र राशि
- सूर्य राशि
- तुला
- चंद्र राशि
- मकर आरंभ
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा
- दिनमान / रात्रिमान
- 11 घं 29 मि / 12 घं 31 मि
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 50मि
- प्रातः सन्ध्या
- 1घं 15मि
- अमृत काल
- 1घं 47मि
- अभिजित मुहूर्त
- 46मि
- विजय मुहूर्त
- 46मि
- गोधूलि मुहूर्त
- 25मि
- सायाह्न सन्ध्या
- 1घं 15मि
- निशिता मुहूर्त
- 50मि
अशुभ समय
- राहु काल
- 1घं 26मि
- यमगण्ड
- 1घं 26मि
- दुर्मुहूर्त
- 46मि
- गुलिक काल
- 1घं 26मि
- दुर्मुहूर्त
- 46मि
- वर्ज्य
- 1घं 46मि
- दिशा शूल
- पूर्व दिशा की यात्रा से बचें
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
रात
- चलसामान्य
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
चन्द्रबलम और ताराबलम
इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।
शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक
मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन
अष्टम चन्द्र: मिथुन राशि (मृगशिरा (चरण 3–4), आर्द्रा, पुनर्वसु (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए
शुभ ताराबलम 3:38 अपराह्न तक
भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती
शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद
पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक
- शुभ मुहूर्त
- राज पंचक
- शुभ मुहूर्त
- चोर पंचक
- शुभ मुहूर्त
- रोग पंचक
- शुभ मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त
- रोग पंचक
- शुभ मुहूर्त
- मृत्यु पंचक
- अग्नि पंचक
- शुभ मुहूर्त
- राज पंचक
उदय लग्न
- तुला
- वृश्चिक
- धनु
- मकर
- कुंभ
- मीन
- मेष
- वृषभ
- मिथुन
- कर्क
- सिंह
- कन्या
गौरी पंचांगम, दिन और रात
दिन
- अमृतम्सर्वोत्तम
- विषम्अशुभ
- रोगम्अमंगल
- लाभम्उन्नति
- धनम्सम्पत्ति
- सुगम्उत्तम
- सोरम्अशुभ
- उथीउत्तम
रात
- सुगम्उत्तम
- सोरम्अशुभ
- उथीउत्तम
- अमृतम्सर्वोत्तम
- विषम्अशुभ
- रोगम्अमंगल
- लाभम्उन्नति
- धनम्सम्पत्ति
होरा, दिन और रात
दिन
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
- मंगलउग्र
- सूर्यबलवान
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
- मंगलउग्र
- सूर्यबलवान
रात
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
- मंगलउग्र
- सूर्यबलवान
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
पर्व और व्रत
नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।
आज रात और आज