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काशी पंचांग — मंगलवार, 17 नवंबर 2026

कार्तिक, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2083

तिथि
अष्टमीसमाप्त , फिर नवमी
नक्षत्र
धनिष्ठा (पद 1)समाप्त , फिर शतभिषा
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
राहु काल
अभिजित मुहूर्त

पर्व और व्रत

  • गोपाष्टमी

पूरा पंचांग

मंगल, 17 नवंबर का पूरा पंचांग

वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
अष्टमी आरंभ समाप्त नवमी समाप्त
नक्षत्र
धनिष्ठा आरंभ समाप्त शतभिषा समाप्त सूर्योदय पर चरण 1
योग
वृद्धि आरंभ समाप्त ध्रुव समाप्त
करण
विष्टि आरंभ समाप्त बव समाप्त बालव समाप्त
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
मास (अमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083 सिद्धार्थी
शक संवत
1948 पराभव
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
वृश्चिक
चंद्र राशि
मकर समाप्त कुंभ
सूर्य नक्षत्र
विशाखा
दिनमान / रात्रिमान
10 घं 53 मि / 13 घं 8 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
52मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 19मि
अभिजित मुहूर्त
44मि
विजय मुहूर्त
44मि
गोधूलि मुहूर्त
26मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 19मि
अमृत काल
1घं 45मि
निशिता मुहूर्त
53मि

अशुभ समय

वर्ज्य
1घं 45मि
दुर्मुहूर्त
44मि
यमगण्ड
1घं 22मि
गुलिक काल
1घं 22मि
राहु काल
1घं 22मि
दुर्मुहूर्त
53मि
दिशा शूल
उत्तर दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • रोगबचें
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • शुभउत्तम
  • रोगबचें

रात

  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम 3:30 अपराह्न तक

मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

अष्टम चन्द्र: मिथुन राशि (मृगशिरा (चरण 3–4), आर्द्रा, पुनर्वसु (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, वृषभ, सिंह, कन्या, धनु, कुंभ

अष्टम चन्द्र: कर्क राशि (पुनर्वसु (चरण 4), पुष्य, आश्लेषा) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम बुध, 18 नवंबर, 4:34 पूर्वाह्न तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक

उदय लग्न

  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन
  • कर्क
  • सिंह
  • कन्या

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • विषम्अशुभ
  • अमृतम्सर्वोत्तम

रात

  • सोरम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • विषम्अशुभ
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम

होरा, दिन और रात

दिन

  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र

रात

  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी

पर्व और व्रत

गोपाष्टमी

नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

आज रात और आज

दिन के लिए और