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काशी पंचांग — सोमवार, 19 अप्रैल 2027

चैत्र, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2084

काशी (वाराणसी) · सोमवार, 19 अप्रैल 2027 · भारतीय समय (IST)

तिथि
त्रयोदशीसमाप्त , फिर चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त (पद 1)समाप्त , फिर चित्रा
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
राहु काल
अभिजित मुहूर्त

पर्व और व्रत

  • प्रदोष (शुक्ल)

पूरा पंचांग

सोम, 19 अप्रैल का पूरा पंचांग

वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
त्रयोदशी आरंभ समाप्त चतुर्दशी समाप्त पूर्णिमा समाप्त
नक्षत्र
हस्त आरंभ समाप्त चित्रा समाप्त सूर्योदय पर चरण 1
योग
व्याघात आरंभ समाप्त हर्षण समाप्त
करण
तैतिल आरंभ समाप्त गर समाप्त वणिज समाप्त विष्टि समाप्त
वार
सोमवार
पक्ष
शुक्ल

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
मास (अमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084 रौद्री
शक संवत
1949 प्लवंग
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
मेष
चंद्र राशि
कन्या आरंभ समाप्त
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी
दिनमान / रात्रिमान
12 घं 50 मि / 11 घं 9 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
45मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 7मि
अभिजित मुहूर्त
51मि
विजय मुहूर्त
51मि
गोधूलि मुहूर्त
22मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 7मि
अमृत काल
1घं 34मि
निशिता मुहूर्त
45मि

अशुभ समय

राहु काल
1घं 36मि
यमगण्ड
1घं 36मि
दुर्मुहूर्त
51मि
वर्ज्य
1घं 34मि
गुलिक काल
1घं 36मि
दुर्मुहूर्त
51मि
दिशा शूल
पूर्व दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम

रात

  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

अष्टम चन्द्र: कुंभ राशि (धनिष्ठा (चरण 3–4), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम मंगल, 20 अप्रैल, 4:40 पूर्वाह्न तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक
  • राज पंचक
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • शुभ मुहूर्त

उदय लग्न

  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन
  • कर्क
  • सिंह
  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • विषम्अशुभ
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • उथीउत्तम

रात

  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • विषम्अशुभ
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति

होरा, दिन और रात

दिन

  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान

रात

  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी

पर्व और व्रत

प्रदोष (शुक्ल)

नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

आज रात और आज

दिन के लिए और