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काशी पंचांग — रविवार, 18 जुलाई 2027

आषाढ़, शुक्ल पक्ष · विक्रम संवत 2084

काशी (वाराणसी) · रविवार, 18 जुलाई 2027 · भारतीय समय (IST)

तिथि और नक्षत्र

तिथि
पूर्णिमासमाप्त , फिर प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा (पद 4)समाप्त , फिर उत्तराषाढ़ा

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्रास्त नहीं

मुहूर्त और राहु काल

अभिजित मुहूर्त
राहु काल

पर्व और व्रत

पूरा पंचांग

रवि, 18 जुलाई का पूरा पंचांग

वाराणसी (काशी) के समय, भारतीय समय (IST) में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त
चंद्रास्त नहीं

पंचांग

तिथि
पूर्णिमा आरंभ समाप्त प्रतिपदा समाप्त
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा आरंभ समाप्त उत्तराषाढ़ा समाप्त सूर्योदय पर चरण 4
योग
वैधृति आरंभ समाप्त विष्कम्भ समाप्त
करण
विष्टि आरंभ समाप्त बव समाप्त बालव समाप्त
वार
रविवार
पक्ष
शुक्ल

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
मास (अमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2084 रौद्री
शक संवत
1949 प्लवंग
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
कर्क
चंद्र राशि
धनु आरंभ समाप्त मकर
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु
दिनमान / रात्रिमान
13 घं 32 मि / 10 घं 29 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
42मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 3मि
अमृत काल
1घं 48मि
अभिजित मुहूर्त
54मि
विजय मुहूर्त
54मि
गोधूलि मुहूर्त
21मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 3मि
निशिता मुहूर्त
42मि

अशुभ समय

यमगण्ड
1घं 41मि
गुलिक काल
1घं 41मि
दुर्मुहूर्त
54मि
राहु काल
1घं 41मि
वर्ज्य
1घं 48मि
दिशा शूल
पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें

रात

  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम 6:03 अपराह्न तक

मिथुन, कर्क, तुला, धनु, कुंभ, मीन

अष्टम चन्द्र: वृषभ राशि (कृत्तिका (चरण 2–4), रोहिणी, मृगशिरा (चरण 1–2)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, कर्क, सिंह, वृश्चिक, मकर, मीन

अष्टम चन्द्र: मिथुन राशि (मृगशिरा (चरण 3–4), आर्द्रा, पुनर्वसु (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम 11:17 पूर्वाह्न तक

अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

भरणी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक

उदय लग्न

  • कर्क
  • सिंह
  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ

रात

  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति

होरा, दिन और रात

दिन

  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द

रात

  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र

पर्व और व्रत

गुरु पूर्णिमाव्यास पूजाकोकिला व्रतपूर्णिमा

नगर के केंद्र के लिए, सूर्योदय से सूर्योदय तक, भारतीय समय में। मास पूर्णिमांत है, जैसा वाराणसी में माना जाता है, साथ में अमांत मास भी; विन्यास और मुहूर्त द्रिक पंचांग के दैनिक पृष्ठ जैसे हैं। मंदिरों और परिवारों की स्थानीय परंपरा अलग हो सकती है: महत्वपूर्ण मुहूर्त अपने पुरोहित से पुष्टि करें।

आज रात और आज

दिन के लिए और