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रथ यात्रा वाराणसी: रथ यात्रा मार्ग और परंपराएँ

रथ यात्रा वाराणसी: रथ यात्रा मार्ग और परंपराएँ

Rath Yatra Varanasi: Chariot Festival Routes & Traditions

रथ यात्रा वाराणसी: रथ यात्रा मार्ग और परंपराएँ

भगवान जगन्नाथ की भव्य शोभायात्रा को वाराणसी की पवित्र गलियों और घाटों पर देखें।

बनारस में रथ यात्रा सदियों पुरानी रस्मों के साथ भक्ति का संगम है। लंका और अस्सी के मंदिरों से रथ दशाश्वमेध घाट की ओर बढ़ते हैं और पुरानी नगरी की गलियों में हजारों श्रद्धालु एकत्र होते हैं।

एक नज़र में

12वीं सदीप्रारंभ
3मुख्य रथ
5 किमीमार्ग
1 लाख+श्रद्धालु
7 दिनउत्सव अवधि

रथ यात्रा कहाँ देखें

मुख्य पड़ाव और इलाके जहाँ हर वर्ष रथ रुकते हैं।

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जगन्नाथ मंदिर, लंका

बीएचयू के पास मुख्य शोभायात्रा का आरंभ बिंदु।

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अस्सी घाट

मंदिर से निकलने के बाद पहला विराम और संध्या आरती।

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दशाश्वमेध घाट

नदी आशीर्वाद और भारी भीड़ के साथ भव्य समापन।

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पुरानी नगरी गलियाँ

काशी विश्वनाथ के पास संकरी गलियों में रस्सियाँ खींची जाती हैं।

ऐतिहासिक समयरेखा

1194 ई.

पहली दर्ज यात्रा

काशी में मध्यकालीन मंदिर संरक्षण के दौरान शोभायात्रा का उल्लेख।

16वीं सदी

मुगल काल निरंतरता

स्थानीय शासक क्षेत्रीय संघर्षों के बावजूद उत्सव की रक्षा करते हैं।

19वीं सदी

सार्वजनिक विस्तार

शोभायात्रा भेलूपुर और सिगरा इलाकों तक फैलती है।

आधुनिक काल

नगरव्यापी उत्सव

मार्ग अब अस्सी से दशाश्वमेध तक पुलिस समन्वय से जुड़ता है।

यहाँ रहने वालों के सुझाव

सर्वोत्तम समय

आषाढ़ माह में जून-जुलाई में पहुँचें; सुबह की रस्सी खींचने में भीड़ कम होती है।

कैसे पहुँचें

अस्सी घाट से पैदल चलें या दशाश्वमेध तक नाव लें; रथ निकलने के बाद सड़कें बंद रहती हैं।

क्या साथ लाएँ

हल्के सूती कपड़े, पानी की बोतल और घाट की सीढ़ियों पर बैठने के लिए छोटा आसन।

स्थानीय रीति का सम्मान

रस्सियों पर तब तक न चढ़ें जब तक आमंत्रित न हों; महिलाएँ परंपरागत रूप से शोभायात्रा के पीछे चलती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में रथ यात्रा कब मनाई जाती है?

मुख्य कार्यक्रम आषाढ़ शुक्ल द्वितीया को होता है, सामान्यतः जून के अंत या जुलाई की शुरुआत में।

रथ किस मार्ग से गुजरता है?

रथ लंका के जगन्नाथ मंदिर से अस्सी घाट होते हुए पुरानी नगरी की गलियों से दशाश्वमेध घाट तक पहुँचते हैं।

क्या यह उत्सव सभी visitors के लिए खुला है?

हाँ, शोभायात्रा सार्वजनिक है; परंतु रथ के पास जगह पारंपरिक खींचने वालों के लिए आरक्षित रहती है।

यात्रा के दौरान कोई प्रतिबंध हैं?

यातायात मोड़ा जाता है; देवताओं की फोटोग्राफी की अनुमति है परंतु रथ के पास फ्लैश वर्जित है।

क्या मैं रस्सियाँ खींचने में भाग ले सकता हूँ?

केवल अधिकृत समूह ही खींचते हैं; दर्शक साथ चलकर भजन गा सकते हैं।