श्रावण २०२६ कैलेंडर: वाराणसी में सावन के सभी व्रत और पर्व
अंतिम अपडेट: 3 August 2026
श्रावण २०२६ का पूरा कैलेंडर
श्रावण का हर व्रत और पर्व, एक ही स्थान पर — केवल सोमवार नहीं। तिथियाँ वाराणसी के अक्षांश-देशांतर और भारतीय मानक समय के लिए गणना की गई हैं।
श्रावण आरंभ
मास प्रारंभ। कांवरिये घाटों की ओर निकलते हैं।
संकष्टी चतुर्थी
गणेश व्रत, चंद्रोदय पर पारण।
पहला सावन सोमवार
काशी विश्वनाथ का सबसे भारी दर्शन दिवस।
कामिका एकादशी
विष्णु व्रत; अगले प्रातः पारण।
दूसरा सावन सोमवार
कांवरिया आवाजाही चरम पर। उसी संध्या प्रदोष।
सावन शिवरात्रि
कांवर यात्रा की पूर्णता — आज रात जल अर्पण।
हरियाली अमावस्या
अमावस्या; वृक्षारोपण और घाटों पर पितृ तर्पण।
हरियाली तीज
हरे वस्त्र, झूला और विवाहिताओं का गौरी व्रत।
विनायक चतुर्थी
शुक्ल पक्ष का गणेश व्रत।
तीसरा सोमवार + नाग पंचमी
दो पर्व एक साथ; नाग कुआँ पर नाग पूजा।
कल्कि जयंती
वरलक्ष्मी व्रत
पूर्णिमा से पूर्व शुक्रवार को लक्ष्मी व्रत।
श्रावण पुत्रदा एकादशी
चौथा सावन सोमवार
मास का अंतिम सोमवार।
प्रदोष (शुक्ल)
संध्या बेला में शिव पूजा।
श्रावण पूर्णिमा · रक्षा बंधन
मास पूर्णिमा पर समाप्त।
तिथियाँ सूर्योदय-आधारित हैं और स्थान के अनुसार एक दिन भिन्न हो सकती हैं। व्रत रखने से पहले स्थानीय पंचांग या मंदिर के पुजारी से पुष्टि कर लें।
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