धाम में अब क्रम से दर्शन: 18 देवालयों का नक्शा और बोर्ड लगा
काशी विश्वनाथ धाम में पहली बार आने वाले लगभग हर श्रद्धालु का एक ही सवाल होता है — बाबा विश्वनाथ के दर्शन के बाद अब किधर? मंदिर प्रशासन ने अब इसका जवाब बोर्ड पर ही लिख दिया है। परिसर में एक बोर्ड और नक्शा लगाया गया है, जिसमें 18 देवालयों के दर्शन का क्रम नंबरवार दिया गया है, ताकि श्रद्धालु किसी से पूछे बिना सिलसिलेवार दर्शन कर सकें। क्रम की शुरुआत नंबर एक यानी बाबा विश्वनाथ से होती है और रास्ता परिसर में वामावर्त आगे बढ़ता है। बीच में तारकेश्वर, नवग्रह मंडप, भुवनेश्वर, बद्रीनाथ, अन्नपूर्णा, भैरव, कुबेरेश्वर, व्यासेश्वर, ज्ञान विनायक, पार्वती, विघ्ननायक गणेश, अक्षयवट हनुमान, दंडपाणि, विष्णु, विरूपाक्षेश्वर, वैकुंठ और सत्यनारायण आते हैं। ज्ञानवापी की ओर मुख किए नंदी आठवें नंबर पर हैं और ज्ञानवापी कूप ग्यारहवें पर। अंत में गंगा, यमुना, सरस्वती और गणेश के दर्शन के साथ यह क्रम पूरा होता है। बोर्ड पर एक क्यूआर कोड भी लगाया गया है। हर देवालय का विस्तृत विवरण फ़िलहाल 'जल्द आ रहा है' के रूप में दर्ज है, यानी आगे यह जानकारी और काम की होती जाएगी। जिन्हें धाम से निकलने के बाद याद आता है कि गलियारे के पीछे वाला कोई देवालय छूट गया, उनके लिए यह छोटी-सी लेकिन बड़े काम की व्यवस्था है — शुरू करने से पहले नक्शे पर एक नज़र, और पूरा क्रम अपने आप बैठ जाता है।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Amar Ujala