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मंडुआडीह से लखनऊ तक: स्कूल को 'निपुण' बनाने वाली शिक्षिका को राज्य अध्यापक पुरस्कार

जानकारीपूर्ण पोस्ट · हैलोबनारस द्वारा संकलित

मंडुआडीह प्राथमिक विद्यालय की सहायक अध्यापिका नीलम राय को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर उत्तर प्रदेश सरकार का राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025 मिलेगा। यह सम्मान उन्होंने अपने स्कूल में जो किया, उसके लिए है — निपुण भारत मिशन के तहत विद्यालय को 'निपुण' स्तर तक पहुँचाना, यानी शुरुआती कक्षाओं में बुनियादी पढ़ने और गणित की समझ। चयन आसान नहीं था। वाराणसी से चार शिक्षकों के नाम भेजे गए थे। नीलम राय को दो दौर के साक्षात्कार से गुज़रना पड़ा — एक अप्रैल में और दूसरा अगस्त में लखनऊ में — और ज़िले के अभ्यर्थियों में सबसे ज़्यादा अंक उन्हें मिले। चयन में नामांकन में बढ़ोतरी, ड्रॉपआउट में कमी, निपुण मिशन के लक्ष्य, पढ़ाने के नए तरीके, डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल और बच्चों का प्रदर्शन — सब देखा गया। पुरस्कार में ₹20,000 की राशि और दो साल का सेवा विस्तार शामिल है। नीलम राय मूल रूप से बलिया ज़िले की हैं और अब वाराणसी में रहती हैं। शहर के किसी वार्ड के परिषदीय स्कूल के लिए 'निपुण' कोई दीवार पर टंगने वाली तख्ती नहीं है — इसका मतलब है कि शुरुआती कक्षाओं के बच्चे पढ़ सकते हैं और उनसे उम्मीद का गणित कर सकते हैं। शिक्षक दिवस से ठीक पहले राज्य ने एक ऐसे ही स्कूल की शिक्षिका को चुना है — यह काशी की परिषदीय कक्षाओं के लिए एक मापदंड भी है।

हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Amar Ujala

From Manduadih to Lucknow: the teacher who made her primary | HelloBanaras