आईआईटी दिल्ली में तीसरा स्थान: बीएचयू के तीन विद्यार्थी राष्ट्रीय हैंडलूम हैकाथॉन के मंच तक
बनारस में तैयार हुआ एक टेक्सटाइल आइडिया राष्ट्रीय पुरस्कार लेकर लौटा है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के तीन विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय हैंडलूम हैकाथॉन-2026 की 'सस्टेनेबिलिटी एंड एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट' श्रेणी में तीसरा स्थान हासिल किया। यह प्रतियोगिता वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हथकरघा) कार्यालय की ओर से आयोजित की गई थी। टीम का नेतृत्व दृश्य कला संकाय के चित्रकला विभाग में टेक्सटाइल डिज़ाइन के शोध छात्र असीम मंडल ने किया। उनके साथ विधि संकाय की कृति मिश्रा और अभिदीप्श प्रशांत सागर शामिल रहे — डिज़ाइन और कानून का यह मेल बताता है कि हथकरघे के सवाल को अब कितने कोणों से देखा जा रहा है। देशभर से करीब 2,500 प्रतिभागी इसमें शामिल हुए। प्रतियोगिता तीन चरणों में चली: पहले चरण में बीएचयू का आइडिया शीर्ष सौ में चुना गया, फिर शीर्ष चालीस में जगह बनाई, और अंतिम प्रस्तुति से पहले चयनित टीमों को विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिला। अंतिम प्रस्तुति 1 अगस्त को आईआईटी दिल्ली के आर एंड डी पार्क में हुई और पदक तथा प्रमाणपत्र राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर सौंपे गए। जिस शहर की पहचान ही उसके करघे हैं, वहाँ यह नतीजा अच्छा लगता है। बनारस के इन युवाओं ने बुनाई पर नहीं, बल्कि उसके आसपास के कठिन सवाल पर काम किया — यह शिल्प रोज़गार के तौर पर और टिकाऊ, और साफ़-सुथरा कैसे बने।
हैलोबनारस द्वारा सार्वजनिक स्रोतों के आधार पर तैयार: Amar Ujala — Varanasi · BHU Diaries