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दिन विशेष · वाराणसी

वाराणसी — रविवार, 18 जून 2023

उस दिन के आरती और आयोजनों के समय, पंचांग और शहर के पर्व।

पर्व: वट सावित्री व्रतशनि जयंतीअमावस्या

दिन की योजना

इस दिन की समय-सारिणी

दैनिक आरती और प्रमुख आयोजन
  1. मंगला आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर

    आरती

    तड़के की आरती; गर्भगृह दर्शन हेतु सामान्यतः टिकट आवश्यक। पर्व और ग्रहण के दिन प्रवेश नियम बदल सकते हैं।

  2. मंगला आरतीअन्नपूर्णा देवी मंदिर

    आरती

    मंगला आरती के साथ मंदिर खुलता है; प्रातः दर्शन लगभग 11:30 बजे तक, फिर भोग हेतु गर्भगृह बंद। श्रावण में भोर से ही गली में कतार लगती है।

  3. प्रातः दर्शन प्रारंभनया विश्वनाथ मंदिर (बीएचयू)

    दर्शन

    खुला 04:00-12:00 व 13:00-21:00 (दोपहर में बंद)। बीएचयू परिसर में काशी विश्वनाथ की श्वेत संगमरमर प्रतिकृति; सभी धर्मों के लिए खुला, भीड़ बहुत कम।

  4. मंगला आरतीश्री सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर

    आरती
  5. प्रातः दर्शन प्रारंभकाल भैरव मंदिर

    दर्शन

    काशी के कोतवाल — मान्यता है कि विश्वनाथ से पहले इनके दर्शन करें। दोपहर लगभग 1:30-4:30 पट बंद; रविवार-मंगलवार लंबी कतार, जल्दी पहुंचें।

  6. प्रातः दर्शन प्रारंभदुर्गाकुंड मंदिर

    दर्शन

    भोर से देवी दर्शन; स्रोतों में खुलने का समय 04:00–05:30 बताया गया है। दोपहर लगभग 12–3 बजे कपाट बंद। मंगलवार, शुक्रवार व नवरात्र में सर्वाधिक भीड़।

  7. प्रातः दर्शन प्रारंभसंकट मोचन हनुमान मंदिर

    दर्शन

    पट लगभग 5 बजे खुलते हैं (कुछ स्रोत 4:30 बताते हैं)। मोबाइल, कैमरा, बैग वर्जित — गेट पर लॉकर। बेसन के लड्डू का प्रसाद अंदर काउंटर से खरीदें; बंदरों से सावधान।

  8. सुबह-ए-बनारसअस्सी घाट

    संगीत

    भोर का कार्यक्रम: आरती, वैदिक मंत्र-हवन, फिर शास्त्रीय राग और ~40 मिनट का निःशुल्क योग सत्र। नव-फर में ~05:30 से; अग-सित में सीढ़ियाँ जलमग्न हो सकती हैं।

  9. प्रातः आरतीदशाश्वमेध घाट

    घाट

    संध्या गंगा आरती से कम भीड़; नदी की स्थिति सामान्य हो तो फ़ोटो के लिए अच्छा।

  10. भैरव-दिवस की भीड़काल भैरव मंदिर

    आरती

    रविवार भैरव का दिन है, मंगलवार भी खास — सरसों तेल, काले तिल और कलावा चढ़ाने वालों की कतार सुबह होते-होते घंटों लंबी हो जाती है।

  11. प्रातः आरतीतुलसी मानस मंदिर

    आरती

    रामचरितमानस मंदिर में आरती, जिसकी संगमरमर दीवारों पर तुलसीदास की चौपाइयाँ अंकित हैं। खुला 05:30-12:00 व 15:30-21:00; शांत, परिवार-अनुकूल।

  12. सारनाथ संग्रहालय खुलता हैपुरातत्व संग्रहालय, सारनाथ

    आरती

    एएसआई संग्रहालय, मूल अशोक सिंह-स्तंभ यहीं है। शुक्रवार बंद। बगल के धमेक स्तूप के साथ देखें; पुराने शहर से सारनाथ 10 किमी।

  13. अन्नक्षेत्र निःशुल्क भोजन (प्रसाद)काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र, विश्वनाथ गली

    प्रसाद

    ट्रस्ट के दोनों भवनों (कालिका गली, बांसफाटक) में सबके लिए निःशुल्क असीमित शाकाहारी थाली; प्रतिदिन ~20,000 भोजन। सेवा प्रायः 10:00-16:00; 14:30 तक पहुँचें।

  14. भोग आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर

    प्रसाद

    मध्याह्न भोग; सुरक्षा कतार और अस्थायी बंदी को ध्यान में रखकर जाएँ।

  15. अपराह्न दर्शन पुनः आरंभसंकट मोचन हनुमान मंदिर

    दर्शन

    मंदिर लगभग 11:30 से 3 बजे तक बंद रहता है; दर्शन 3 बजे से रात ~11 बजे तक (मंगल-शनि को मध्यरात्रि तक)। मोबाइल-कैमरा गेट के लॉकर में रखें।

  16. संध्या आरतीतुलसी मानस मंदिर

    आरती

    राम मंदिर की दूसरी दैनिक आरती; दोपहर विश्राम के बाद 15:30 बजे कपाट पुनः खुलते हैं। संगमरमर की दीवारों पर रामचरितमानस अंकित।

  17. गंगा आरती (विश्वनाथ धाम)ललिता घाट

    घाट

    मार्च 2026 से मंदिर न्यास की गंगा द्वार आरती; पहले 18:00, अब 18:30। बाढ़ में आरती धाम के ऊपरी चबूतरे (सेल्फी पॉइंट) से होती है। नई व्यवस्था - समय स्थानीय स्तर पर जांचें।

  18. संध्या बौद्ध सुत्त-पाठमूलगंध कुटी विहार, सारनाथ

    आरती

    भिक्षुओं के साथ बुद्ध पूजा, धम्मचक्क सुत्त-पाठ और ध्यान; निःशुल्क, सभी का स्वागत। सारनाथ घाटों से 10 किमी (~30-40 मिनट) - वापसी की सवारी पहले तय करें।

  19. अनुमानित

    संध्या गंगा आरतीदशाश्वमेध घाट

    घाट

    अनुमानित: ये योजना के लिए अनुमान हैं; हमने आयोजकों की कोई मौजूदा समय-सारिणी सत्यापित नहीं की है। आरती सूर्यास्त के आसपास शुरू होती है — अक्टूबर–मार्च में लगभग शाम 5:45–6:00, अप्रैल–सितंबर में 6:45–7:00 — और लगभग 45 मिनट चलती है; किसी शाम का समय कुछ अलग हो सकता है। जल्दी पहुँचना बेहतर है, क्योंकि शुरू होने से पहले सीढ़ियाँ अक्सर भर जाती हैं।

  20. संध्या आरतीअस्सी घाट

    घाट

    दशाश्वमेध की भव्य आरती से छोटी और शांत; सूर्यास्त पर निर्भर — सर्दियों (नव-फर) में ~18:00 बजे। बाढ़ (अग-सित) में ऊपरी सीढ़ियों से होती है।

  21. गौर आरती और कीर्तनइस्कॉन वाराणसी, दुर्गाकुंड रोड

    आरती

    दुर्गाकुंड के पास छोटे राधा गोपाल बिहारी मंदिर में जीवंत हरे कृष्ण कीर्तन। आगंतुकों का स्वागत; समय मानक इस्कॉन परंपरा अनुसार — स्थानीय पुष्टि कर लें।

  22. सप्तर्षि आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर

    आरती

    संध्या की आरती का आधिकारिक नाम — सात अर्चक सप्तर्षि परंपरा में आरती करते हैं। बैठने हेतु टिकट shrikashivishwanath.org से बुक करें।

  23. संध्या आरतीदुर्गाकुंड मंदिर

    आरती

    2024 समाचार के अनुसार निर्धारित समय 19:30; भीषण गर्मी में करीब आधा घंटा देर से। मंगलवार-शुक्रवार को भारी भीड़ — गर्भगृह के पास जगह के लिए पहले पहुंचें।

  24. शृंगार आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर

    आरती

    अंतिम शयन आरती से पहले संध्या शृंगार आरती।

  25. शयन आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर

    आरती

    दिन की अंतिम आरती; इसके बाद रात के लिए गर्भगृह दर्शन बंद।

समय भारतीय समय में हैं। ग्रहण, बाढ़ और पर्व के दिनों में मंदिर समय बदलते हैं — उसी दिन पुष्टि करें।

दिन का पंचांग

रवि, 18 जून का पंचांग

वाराणसी के समय, भारतीय समय में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
अमावस्या आरंभ समाप्त प्रतिपदा समाप्त
नक्षत्र
मृगशिरा आरंभ समाप्त आर्द्रा समाप्त सूर्योदय पर चरण 2
योग
गंड आरंभ समाप्त वृद्धि समाप्त
करण
नाग आरंभ
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
मास (अमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2080 अनल
शक संवत
1945 शोभकृत
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
मिथुन
चंद्र राशि
वृषभ समाप्त मिथुन
सूर्य नक्षत्र
मृगशिरा
दिनमान / रात्रिमान
13 घं 43 मि / 10 घं 17 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
41मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 2मि
अमृत काल
1घं 43मि
अभिजित मुहूर्त
55मि
विजय मुहूर्त
55मि
गोधूलि मुहूर्त
21मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 2मि
निशिता मुहूर्त
41मि

अशुभ समय

यमगण्ड
1घं 43मि
गुलिक काल
1घं 43मि
दुर्मुहूर्त
55मि
राहु काल
1घं 43मि
वर्ज्य
1घं 44मि
दिशा शूल
पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें

रात

  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम 5:13 पूर्वाह्न तक

वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन

अष्टम चन्द्र: तुला राशि (चित्रा (चरण 3–4), स्वाति, विशाखा (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, मिथुन, सिंह, कन्या, धनु, मकर

अष्टम चन्द्र: वृश्चिक राशि (विशाखा (चरण 4), अनुराधा, ज्येष्ठा) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम 6:06 अपराह्न तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक

उदय लग्न

  • मिथुन
  • कर्क
  • सिंह
  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ

रात

  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति

होरा, दिन और रात

दिन

  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द

रात

  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र

कैलेंडर में खोलें

आगे देखें

पंचांग से और