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दिन विशेषवाराणसी

वाराणसी — बुधवार, 20 सितंबर 2028

उस दिन के आरती और आयोजनों के समय, पंचांग और शहर के पर्व।

पर्व: नवरात्रि द्वितीयाद्वितीया (दिन 2)

दिन का पंचांग

बुध, 20 सितंबर का पंचांग

वाराणसी के समय, भारतीय समय में

सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

पंचांग

तिथि
द्वितीया आरंभ समाप्त तृतीया समाप्त
नक्षत्र
हस्त आरंभ समाप्त चित्रा समाप्त सूर्योदय पर चरण 4
योग
ब्रह्म आरंभ समाप्त ऐन्द्र समाप्त
करण
बालव आरंभ समाप्त कौलव समाप्त तैतिल समाप्त गर समाप्त
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल

मास और संवत

मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
मास (अमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085 दुर्मति
शक संवत
1950 कीलक
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

सूर्य और चंद्र राशि

सूर्य राशि
कन्या
चंद्र राशि
कन्या आरंभ समाप्त तुला
सूर्य नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
दिनमान / रात्रिमान
12 घं 10 मि / 11 घं 50 मि

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
47मि
प्रातः सन्ध्या
1घं 11मि
विजय मुहूर्त
49मि
गोधूलि मुहूर्त
24मि
सायाह्न सन्ध्या
1घं 11मि
निशिता मुहूर्त
47मि
अमृत काल
1घं 25मि
अभिजित मुहूर्त
आज अभिजित मुहूर्त नहीं: उसी समय दुर्मुहूर्त है।

अशुभ समय

यमगण्ड
1घं 31मि
गुलिक काल
1घं 31मि
दुर्मुहूर्त
49मि
राहु काल
1घं 31मि
वर्ज्य
1घं 25मि
दिशा शूल
उत्तर दिशा की यात्रा से बचें

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम

रात

  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें

चन्द्रबलम और ताराबलम

इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।

शुभ चन्द्रबलम 7:54 अपराह्न तक

मेष, कर्क, कन्या, वृश्चिक, धनु, मीन

अष्टम चन्द्र: कुंभ राशि (धनिष्ठा (चरण 3–4), शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद (चरण 1–3)) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक

मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर

अष्टम चन्द्र: मीन राशि (पूर्वा भाद्रपद (चरण 4), उत्तरा भाद्रपद, रेवती) में जन्मे लोगों के लिए

शुभ ताराबलम 9:17 पूर्वाह्न तक

अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद

शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक

भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुनर्वसु, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, विशाखा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, रेवती

पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • मृत्यु पंचक
  • अग्नि पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • राज पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • चोर पंचक
  • शुभ मुहूर्त
  • रोग पंचक
  • शुभ मुहूर्त

उदय लग्न

  • कन्या
  • तुला
  • वृश्चिक
  • धनु
  • मकर
  • कुंभ
  • मीन
  • मेष
  • वृषभ
  • मिथुन
  • कर्क
  • सिंह

गौरी पंचांगम, दिन और रात

दिन

  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ
  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल

रात

  • उथीउत्तम
  • अमृतम्सर्वोत्तम
  • रोगम्अमंगल
  • लाभम्उन्नति
  • धनम्सम्पत्ति
  • सुगम्उत्तम
  • सोरम्अशुभ
  • विषम्अशुभ

होरा, दिन और रात

दिन

  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र

रात

  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द
  • गुरुफलदायी
  • मंगलउग्र
  • सूर्यबलवान
  • शुक्रलाभदायी
  • बुधतीव्र
  • चन्द्रनम्र
  • शनिमन्द

आरती और आयोजन

इस दिन की समय-सारिणी

  1. →

    मंगला आरती

    काशी विश्वनाथ मंदिर

    तड़के की आरती; गर्भगृह दर्शन हेतु सामान्यतः टिकट आवश्यक। पर्व और ग्रहण के दिन प्रवेश नियम बदल सकते हैं।

  2. मंगला आरती

    अन्नपूर्णा देवी मंदिर

    मंगला आरती के साथ मंदिर खुलता है; प्रातः दर्शन लगभग 11:30 बजे तक, फिर भोग हेतु गर्भगृह बंद। श्रावण में भोर से ही गली में कतार लगती है।

  3. →

    प्रातः दर्शन प्रारंभ

    नया विश्वनाथ मंदिर (बीएचयू)

    खुला 04:00-12:00 व 13:00-21:00 (दोपहर में बंद)। बीएचयू परिसर में काशी विश्वनाथ की श्वेत संगमरमर प्रतिकृति; सभी धर्मों के लिए खुला, भीड़ बहुत कम।

  4. मंगला आरती

    श्री सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर

  5. प्रातः दर्शन प्रारंभ

    काल भैरव मंदिर

    काशी के कोतवाल — मान्यता है कि विश्वनाथ से पहले इनके दर्शन करें। दोपहर लगभग 1:30-4:30 पट बंद; रविवार-मंगलवार लंबी कतार, जल्दी पहुंचें।

  6. प्रातः दर्शन प्रारंभ

    दुर्गाकुंड मंदिर

    भोर से देवी दर्शन; स्रोतों में खुलने का समय 04:00–05:30 बताया गया है। दोपहर लगभग 12–3 बजे कपाट बंद। मंगलवार, शुक्रवार व नवरात्र में सर्वाधिक भीड़।

  7. प्रातः दर्शन प्रारंभ

    संकट मोचन हनुमान मंदिर

    पट लगभग 5 बजे खुलते हैं (कुछ स्रोत 4:30 बताते हैं)। मोबाइल, कैमरा, बैग वर्जित — गेट पर लॉकर। बेसन के लड्डू का प्रसाद अंदर काउंटर से खरीदें; बंदरों से सावधान।

  8. →

    सुबह-ए-बनारस

    अस्सी घाट

    भोर का कार्यक्रम: आरती, वैदिक मंत्र-हवन, फिर शास्त्रीय राग और ~40 मिनट का निःशुल्क योग सत्र। नव-फर में ~05:30 से; अग-सित में सीढ़ियाँ जलमग्न हो सकती हैं।

  9. →

    प्रातः आरती

    दशाश्वमेध घाट

    संध्या गंगा आरती से कम भीड़; नदी की स्थिति सामान्य हो तो फ़ोटो के लिए अच्छा।

  10. प्रातः आरती

    तुलसी मानस मंदिर

    रामचरितमानस मंदिर में आरती, जिसकी संगमरमर दीवारों पर तुलसीदास की चौपाइयाँ अंकित हैं। खुला 05:30-12:00 व 15:30-21:00; शांत, परिवार-अनुकूल।

  11. →

    सारनाथ संग्रहालय खुलता है

    पुरातत्व संग्रहालय, सारनाथ

    एएसआई संग्रहालय, मूल अशोक सिंह-स्तंभ यहीं है। शुक्रवार बंद। बगल के धमेक स्तूप के साथ देखें; पुराने शहर से सारनाथ 10 किमी।

  12. →

    अन्नक्षेत्र निःशुल्क भोजन (प्रसाद)

    काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र, विश्वनाथ गली

    ट्रस्ट के दोनों भवनों (कालिका गली, बांसफाटक) में सबके लिए निःशुल्क असीमित शाकाहारी थाली; प्रतिदिन ~20,000 भोजन। सेवा प्रायः 10:00-16:00; 14:30 तक पहुँचें।

  13. →

    भोग आरती

    काशी विश्वनाथ मंदिर

    मध्याह्न भोग; सुरक्षा कतार और अस्थायी बंदी को ध्यान में रखकर जाएँ।

  14. अपराह्न दर्शन पुनः आरंभ

    संकट मोचन हनुमान मंदिर

    मंदिर लगभग 11:30 से 3 बजे तक बंद रहता है; दर्शन 3 बजे से रात ~11 बजे तक (मंगल-शनि को मध्यरात्रि तक)। मोबाइल-कैमरा गेट के लॉकर में रखें।

  15. संध्या आरती

    तुलसी मानस मंदिर

    राम मंदिर की दूसरी दैनिक आरती; दोपहर विश्राम के बाद 15:30 बजे कपाट पुनः खुलते हैं। संगमरमर की दीवारों पर रामचरितमानस अंकित।

  16. →

    गंगा आरती (विश्वनाथ धाम)

    ललिता घाट

    मार्च 2026 से मंदिर न्यास की गंगा द्वार आरती; पहले 18:00, अब 18:30। बाढ़ में आरती धाम के ऊपरी चबूतरे (सेल्फी पॉइंट) से होती है। नई व्यवस्था - समय स्थानीय स्तर पर जांचें।

  17. संध्या बौद्ध सुत्त-पाठ

    मूलगंध कुटी विहार, सारनाथ

    भिक्षुओं के साथ बुद्ध पूजा, धम्मचक्क सुत्त-पाठ और ध्यान; निःशुल्क, सभी का स्वागत। सारनाथ घाटों से 10 किमी (~30-40 मिनट) - वापसी की सवारी पहले तय करें।

  18. →

    संध्या गंगा आरती

    दशाश्वमेध घाट

    गंगा सेवा निधि की आरती; बगल के राजेंद्र प्रसाद घाट पर समानांतर आरती। अक्टूबर-मार्च में ~17:45 से। बाढ़ में आरती घाट के ऊपर की छतों से होती है।

  19. →

    संध्या आरती

    अस्सी घाट

    दशाश्वमेध की भव्य आरती से छोटी और शांत; सूर्यास्त पर निर्भर — सर्दियों (नव-फर) में ~18:00 बजे। बाढ़ (अग-सित) में ऊपरी सीढ़ियों से होती है।

  20. गौर आरती और कीर्तन

    इस्कॉन वाराणसी, दुर्गाकुंड रोड

    दुर्गाकुंड के पास छोटे राधा गोपाल बिहारी मंदिर में जीवंत हरे कृष्ण कीर्तन। आगंतुकों का स्वागत; समय मानक इस्कॉन परंपरा अनुसार — स्थानीय पुष्टि कर लें।

  21. →

    सप्तर्षि आरती

    काशी विश्वनाथ मंदिर

    संध्या की आरती का आधिकारिक नाम — सात अर्चक सप्तर्षि परंपरा में आरती करते हैं। बैठने हेतु टिकट shrikashivishwanath.org से बुक करें।

  22. संध्या आरती

    दुर्गाकुंड मंदिर

    2024 समाचार के अनुसार निर्धारित समय 19:30; भीषण गर्मी में करीब आधा घंटा देर से। मंगलवार-शुक्रवार को भारी भीड़ — गर्भगृह के पास जगह के लिए पहले पहुंचें।

  23. →

    शृंगार आरती

    काशी विश्वनाथ मंदिर

    अंतिम शयन आरती से पहले संध्या शृंगार आरती।

  24. →

    शयन आरती

    काशी विश्वनाथ मंदिर

    दिन की अंतिम आरती; इसके बाद रात के लिए गर्भगृह दर्शन बंद।

समय भारतीय समय में हैं। ग्रहण, बाढ़ और पर्व के दिनों में मंदिर समय बदलते हैं — उसी दिन पुष्टि करें।

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पंचांग से और