दिन विशेष · वाराणसी
वाराणसी — शुक्रवार, 17 जनवरी 2031
उस दिन के आरती और आयोजनों के समय, पंचांग और शहर के पर्व।
दिन की योजना
इस दिन की समय-सारिणी
मंगला आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर
आरतीतड़के की आरती; गर्भगृह दर्शन हेतु सामान्यतः टिकट आवश्यक। पर्व और ग्रहण के दिन प्रवेश नियम बदल सकते हैं।
मंगला आरतीअन्नपूर्णा देवी मंदिर
आरतीमंगला आरती के साथ मंदिर खुलता है; प्रातः दर्शन लगभग 11:30 बजे तक, फिर भोग हेतु गर्भगृह बंद। श्रावण में भोर से ही गली में कतार लगती है।
प्रातः दर्शन प्रारंभनया विश्वनाथ मंदिर (बीएचयू)
दर्शनखुला 04:00-12:00 व 13:00-21:00 (दोपहर में बंद)। बीएचयू परिसर में काशी विश्वनाथ की श्वेत संगमरमर प्रतिकृति; सभी धर्मों के लिए खुला, भीड़ बहुत कम।
मंगला आरतीश्री सेनापति बनकटी हनुमान मंदिर
आरतीप्रातः दर्शन प्रारंभकाल भैरव मंदिर
दर्शनकाशी के कोतवाल — मान्यता है कि विश्वनाथ से पहले इनके दर्शन करें। दोपहर लगभग 1:30-4:30 पट बंद; रविवार-मंगलवार लंबी कतार, जल्दी पहुंचें।
प्रातः दर्शन प्रारंभदुर्गाकुंड मंदिर
दर्शनभोर से देवी दर्शन; स्रोतों में खुलने का समय 04:00–05:30 बताया गया है। दोपहर लगभग 12–3 बजे कपाट बंद। मंगलवार, शुक्रवार व नवरात्र में सर्वाधिक भीड़।
प्रातः दर्शन प्रारंभसंकट मोचन हनुमान मंदिर
दर्शनपट लगभग 5 बजे खुलते हैं (कुछ स्रोत 4:30 बताते हैं)। मोबाइल, कैमरा, बैग वर्जित — गेट पर लॉकर। बेसन के लड्डू का प्रसाद अंदर काउंटर से खरीदें; बंदरों से सावधान।
सुबह-ए-बनारसअस्सी घाट
संगीतभोर का कार्यक्रम: आरती, वैदिक मंत्र-हवन, फिर शास्त्रीय राग और ~40 मिनट का निःशुल्क योग सत्र। नव-फर में ~05:30 से; अग-सित में सीढ़ियाँ जलमग्न हो सकती हैं।
प्रातः आरतीदशाश्वमेध घाट
घाटसंध्या गंगा आरती से कम भीड़; नदी की स्थिति सामान्य हो तो फ़ोटो के लिए अच्छा।
प्रातः आरतीतुलसी मानस मंदिर
आरतीरामचरितमानस मंदिर में आरती, जिसकी संगमरमर दीवारों पर तुलसीदास की चौपाइयाँ अंकित हैं। खुला 05:30-12:00 व 15:30-21:00; शांत, परिवार-अनुकूल।
अन्नक्षेत्र निःशुल्क भोजन (प्रसाद)काशी अन्नपूर्णा अन्नक्षेत्र, विश्वनाथ गली
प्रसादट्रस्ट के दोनों भवनों (कालिका गली, बांसफाटक) में सबके लिए निःशुल्क असीमित शाकाहारी थाली; प्रतिदिन ~20,000 भोजन। सेवा प्रायः 10:00-16:00; 14:30 तक पहुँचें।
भोग आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर
प्रसादमध्याह्न भोग; सुरक्षा कतार और अस्थायी बंदी को ध्यान में रखकर जाएँ।
अपराह्न दर्शन पुनः आरंभसंकट मोचन हनुमान मंदिर
दर्शनमंदिर लगभग 11:30 से 3 बजे तक बंद रहता है; दर्शन 3 बजे से रात ~11 बजे तक (मंगल-शनि को मध्यरात्रि तक)। मोबाइल-कैमरा गेट के लॉकर में रखें।
संध्या आरतीतुलसी मानस मंदिर
आरतीराम मंदिर की दूसरी दैनिक आरती; दोपहर विश्राम के बाद 15:30 बजे कपाट पुनः खुलते हैं। संगमरमर की दीवारों पर रामचरितमानस अंकित।
- अनुमानित
संध्या गंगा आरतीदशाश्वमेध घाट
घाटअनुमानित: ये योजना के लिए अनुमान हैं; हमने आयोजकों की कोई मौजूदा समय-सारिणी सत्यापित नहीं की है। आरती सूर्यास्त के आसपास शुरू होती है — अक्टूबर–मार्च में लगभग शाम 5:45–6:00, अप्रैल–सितंबर में 6:45–7:00 — और लगभग 45 मिनट चलती है; किसी शाम का समय कुछ अलग हो सकता है। जल्दी पहुँचना बेहतर है, क्योंकि शुरू होने से पहले सीढ़ियाँ अक्सर भर जाती हैं।
गंगा आरती (विश्वनाथ धाम)ललिता घाट
घाटमार्च 2026 से मंदिर न्यास की गंगा द्वार आरती; पहले 18:00, अब 18:30। बाढ़ में आरती धाम के ऊपरी चबूतरे (सेल्फी पॉइंट) से होती है। नई व्यवस्था - समय स्थानीय स्तर पर जांचें।
संध्या बौद्ध सुत्त-पाठमूलगंध कुटी विहार, सारनाथ
आरतीभिक्षुओं के साथ बुद्ध पूजा, धम्मचक्क सुत्त-पाठ और ध्यान; निःशुल्क, सभी का स्वागत। सारनाथ घाटों से 10 किमी (~30-40 मिनट) - वापसी की सवारी पहले तय करें।
संध्या आरतीअस्सी घाट
घाटदशाश्वमेध की भव्य आरती से छोटी और शांत; सूर्यास्त पर निर्भर — सर्दियों (नव-फर) में ~18:00 बजे। बाढ़ (अग-सित) में ऊपरी सीढ़ियों से होती है।
गौर आरती और कीर्तनइस्कॉन वाराणसी, दुर्गाकुंड रोड
आरतीदुर्गाकुंड के पास छोटे राधा गोपाल बिहारी मंदिर में जीवंत हरे कृष्ण कीर्तन। आगंतुकों का स्वागत; समय मानक इस्कॉन परंपरा अनुसार — स्थानीय पुष्टि कर लें।
सप्तर्षि आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर
आरतीसंध्या की आरती का आधिकारिक नाम — सात अर्चक सप्तर्षि परंपरा में आरती करते हैं। बैठने हेतु टिकट shrikashivishwanath.org से बुक करें।
संध्या आरतीदुर्गाकुंड मंदिर
आरती2024 समाचार के अनुसार निर्धारित समय 19:30; भीषण गर्मी में करीब आधा घंटा देर से। मंगलवार-शुक्रवार को भारी भीड़ — गर्भगृह के पास जगह के लिए पहले पहुंचें।
शृंगार आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर
आरतीअंतिम शयन आरती से पहले संध्या शृंगार आरती।
शयन आरतीकाशी विश्वनाथ मंदिर
आरतीदिन की अंतिम आरती; इसके बाद रात के लिए गर्भगृह दर्शन बंद।
समय भारतीय समय में हैं। ग्रहण, बाढ़ और पर्व के दिनों में मंदिर समय बदलते हैं — उसी दिन पुष्टि करें।
दिन का पंचांग
शुक्र, 17 जनवरी का पंचांग
वाराणसी के समय, भारतीय समय में
- सूर्योदय
- सूर्यास्त
- चंद्रोदय
- चंद्रास्त
पंचांग
- तिथि
- नवमी आरंभ समाप्त दशमी समाप्त
- नक्षत्र
- स्वाति आरंभ समाप्त विशाखा समाप्त सूर्योदय पर चरण 1
- योग
- धृति आरंभ समाप्त शूल समाप्त
- करण
- तैतिल आरंभ समाप्त गर समाप्त वणिज समाप्त
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण
मास और संवत
- मास (पूर्णिमांत)
- माघ
- मास (अमांत)
- पौष
- विक्रम संवत
- 2087 रुधिरोद्गारी
- शक संवत
- 1952 साधारण
- ऋतु
- शिशिर
- अयन
- उत्तरायण
सूर्य और चंद्र राशि
- सूर्य राशि
- मकर
- चंद्र राशि
- तुला आरंभ समाप्त
- सूर्य नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ा
- दिनमान / रात्रिमान
- 10 घं 46 मि / 13 घं 14 मि
शुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त
- 53मि
- प्रातः सन्ध्या
- 1घं 20मि
- अभिजित मुहूर्त
- 43मि
- विजय मुहूर्त
- 43मि
- अमृत काल
- 1घं 33मि
- गोधूलि मुहूर्त
- 26मि
- सायाह्न सन्ध्या
- 1घं 19मि
- निशिता मुहूर्त
- 53मि
अशुभ समय
- गुलिक काल
- 1घं 21मि
- वर्ज्य
- 1घं 33मि
- दुर्मुहूर्त
- 43मि
- राहु काल
- 1घं 21मि
- दुर्मुहूर्त
- 43मि
- यमगण्ड
- 1घं 21मि
- दिशा शूल
- पश्चिम दिशा की यात्रा से बचें
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
रात
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
चन्द्रबलम और ताराबलम
इन चन्द्र राशियों और नक्षत्रों में जन्मे लोगों के लिए चन्द्रमा की स्थिति अनुकूल है।
शुभ चन्द्रबलम अगले सूर्योदय तक
मेष, वृषभ, सिंह, तुला, धनु, मकर
अष्टम चन्द्र: मीन राशि (पूर्वा भाद्रपद (चरण 4), उत्तरा भाद्रपद, रेवती) में जन्मे लोगों के लिए
शुभ ताराबलम शनि, 18 जनवरी, 1:50 पूर्वाह्न तक
अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद
शुभ ताराबलम अगले सूर्योदय तक
भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपद, रेवती
पंचक रहित मुहूर्त और उदय लग्न
पंचक रहित मुहूर्त
- मृत्यु पंचक
- अग्नि पंचक
- शुभ मुहूर्त
- मृत्यु पंचक
- अग्नि पंचक
- शुभ मुहूर्त
- राज पंचक
- शुभ मुहूर्त
- चोर पंचक
- शुभ मुहूर्त
- रोग पंचक
- शुभ मुहूर्त
- मृत्यु पंचक
- अग्नि पंचक
- शुभ मुहूर्त
उदय लग्न
- मकर
- कुंभ
- मीन
- मेष
- वृषभ
- मिथुन
- कर्क
- सिंह
- कन्या
- तुला
- वृश्चिक
- धनु
गौरी पंचांगम, दिन और रात
दिन
- सुगम्उत्तम
- सोरम्अशुभ
- उथीउत्तम
- विषम्अशुभ
- अमृतम्सर्वोत्तम
- रोगम्अमंगल
- लाभम्उन्नति
- धनम्सम्पत्ति
रात
- रोगम्अमंगल
- लाभम्उन्नति
- धनम्सम्पत्ति
- सुगम्उत्तम
- सोरम्अशुभ
- उथीउत्तम
- विषम्अशुभ
- अमृतम्सर्वोत्तम
होरा, दिन और रात
दिन
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
- मंगलउग्र
- सूर्यबलवान
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
रात
- मंगलउग्र
- सूर्यबलवान
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
- शनिमन्द
- गुरुफलदायी
- मंगलउग्र
- सूर्यबलवान
- शुक्रलाभदायी
- बुधतीव्र
- चन्द्रनम्र
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