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त्योहार गाइड

देव दीपावली 2027

देव दीपावली, देवताओं की दिवाली, दिवाली के बाद की पूर्णिमा, कार्तिक पूर्णिमा पर मनाई जाती है।

377 दिन शेष
तिथि
शनि, 13 नवंबर 2027
मुख्य मुहूर्त
दीपदान मुहूर्त · 5:10 – 7:47 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • अभिजित मुहूर्त44मि
  • ब्रह्म मुहूर्त52मि
  • अमृत काल1घं 35मि · अगले दिन

इन समयों से बचें

  • दुर्मुहूर्त44मि
  • दुर्मुहूर्त44मि
  • राहु काल1घं 22मि
  • यम गण्डम1घं 22मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
6:13 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
5:10 अपराह्न
चंद्रोदय
4:25 अपराह्न
चंद्रास्त
6:11 पूर्वाह्न

पर्व का दिन

शनि, 13 नवंबर का पंचांग

तिथि
चतुर्दशी, फिर पूर्णिमा
नक्षत्र
अश्विनी
योग
व्यतीपात
करण
वणिज
पक्ष
शुक्ल
मास
कार्तिक
तिथि
चतुर्दशीआरंभ समाप्त फिर पूर्णिमासमाप्त
नक्षत्र
अश्विनीआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • कालबचें
  • शुभउत्तम
  • रोगबचें
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें

रात

  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम

कहानी

देव दीपावली: महत्व और अनुष्ठान

देवता गंगा में स्नान करने और दीपों से उत्सव मनाने उतरते हैं। यह वाराणसी की अनूठी परंपरा है जो अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध हो गई है।

अनुष्ठान

घाटों की सीढ़ियों पर दस लाख से अधिक दीये जलाएँ। पूर्णिमा के चंद्रमा के नीचे गंगा में पवित्र स्नान करें। भव्य गंगा आरती देखें। नदी में दीये प्रवाहित करें। नावों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम।

स्थानीय रंग

वाराणसी में देव दीपावली

देव दीपावली वाराणसी का सबसे भव्य उत्सव है। 10 लाख से अधिक दीये सभी 84 घाटों को रोशन करते हैं। प्रधानमंत्री अक्सर उपस्थित होते हैं। लेज़र शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और नौका विहार इसे अद्भुत बनाते हैं। गंगा पर नाव से दृश्य सर्वश्रेष्ठ होता है।

आगे देखें

देव दीपावली पर और