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त्योहार गाइड

रक्षा बंधन 2025

रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है।

संपन्न
तिथि
शनि, 9 अगस्त 2025
मुख्य मुहूर्त
राखी बांधने का मुहूर्त · 5:28 पूर्वाह्न – 1:24 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • अपराह्न मुहूर्त3मि
  • अभिजित मुहूर्त53मि
  • ब्रह्म मुहूर्त43मि
  • अमृत काल1घं 34मि · अगले दिन

इन समयों से बचें

  • दुर्मुहूर्त53मि · राखी बांधने का मुहूर्त के समय से टकराता है
  • दुर्मुहूर्त53मि · राखी बांधने का मुहूर्त के समय से टकराता है
  • राहु काल1घं 39मि · राखी बांधने का मुहूर्त के समय से टकराता है
  • यम गण्डम1घं 39मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:28 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:37 अपराह्न
चंद्रोदय
6:56 अपराह्न

पर्व का दिन

शनि, 9 अगस्त का पंचांग

तिथि
पूर्णिमा, फिर प्रतिपदा
नक्षत्र
श्रवण
योग
सौभाग्य
करण
बव
पक्ष
शुक्ल
मास
श्रावण
तिथि
पूर्णिमाआरंभ समाप्त फिर प्रतिपदासमाप्त
नक्षत्र
श्रवणआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • कालबचें
  • शुभउत्तम
  • रोगबचें
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें

रात

  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम

कहानी

रक्षा बंधन: महत्व और अनुष्ठान

बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं, जो प्रेम और भाई की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। पूरे भारत में मनाया जाता है।

अनुष्ठान

बहन भाई की आरती करे, तिलक लगाए और राखी बांधे। भाई उपहार दे और रक्षा का वचन दे। परिवार मिठाइयों के साथ उत्सव भोजन के लिए एकत्र हों।

आगे देखें

रक्षा बंधन पर और