त्योहार गाइड
रक्षा बंधन 2026
रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र बंधन का उत्सव है।
संपन्न
- तिथि
- शुक्र, 28 अगस्त 2026
- मुख्य मुहूर्त
- राखी बांधने का मुहूर्त · 5:37 – 9:48 पूर्वाह्न
दिन की योजना
शुभ समय और बचने योग्य समय
· वाराणसी का समय (भारतीय समय)
शुभ मुहूर्त
- अभिजित मुहूर्त51मि
- ब्रह्म मुहूर्त45मि
- अमृत काल1घं 40मि
इन समयों से बचें
- दुर्मुहूर्त51मि · राखी बांधने का मुहूर्त के समय से टकराता है
- राहु काल1घं 36मि
- दुर्मुहूर्त51मि
- यम गण्डम1घं 36मि
सूर्य और चंद्रमा
- सूर्योदय
- 5:37 पूर्वाह्न
- सूर्यास्त
- 6:21 अपराह्न
- चंद्रोदय
- 6:31 अपराह्न
पर्व का दिन
शुक्र, 28 अगस्त का पंचांग
- तिथि
- पूर्णिमा, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- शतभिषा
- योग
- अतिगंड
- करण
- बव
- पक्ष
- शुक्ल
- मास
- श्रावण
- तिथि
- पूर्णिमाआरंभ समाप्त फिर प्रतिपदासमाप्त
- नक्षत्र
- शतभिषाआरंभ समाप्त
चौघड़िया, दिन और रात
दिन
- चलसामान्य
- लाभउत्तम
- अमृतउत्तम
- कालबचें
- रोगबचें
- शुभउत्तम
- उद्वेगबचें
- चलसामान्य
रात
- रोगबचें
- कालबचें
- लाभउत्तम
- उद्वेगबचें
- शुभउत्तम
- अमृतउत्तम
- चलसामान्य
- रोगबचें
कहानी
रक्षा बंधन: महत्व और अनुष्ठान
बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधती हैं, जो प्रेम और भाई की रक्षा के संकल्प का प्रतीक है। पूरे भारत में मनाया जाता है।
अनुष्ठान
बहन भाई की आरती करे, तिलक लगाए और राखी बांधे। भाई उपहार दे और रक्षा का वचन दे। परिवार मिठाइयों के साथ उत्सव भोजन के लिए एकत्र हों।
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