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त्योहार गाइड

राम नवमी 2030

राम नवमी भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम के जन्म का उत्सव है।

1261 दिन शेष
तिथि
शुक्र, 12 अप्रैल 2030
मुख्य मुहूर्त
पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) · 10:43 पूर्वाह्न – 1:15 अपराह्न

दिन की योजना

शुभ समय और बचने योग्य समय

· वाराणसी का समय (भारतीय समय)

शुभ मुहूर्त

  • अभिजित मुहूर्त51मि
  • ब्रह्म मुहूर्त45मि
  • अमृत काल1घं 41मि

इन समयों से बचें

  • दुर्मुहूर्त51मि
  • राहु काल1घं 35मि · पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) के समय से टकराता है
  • दुर्मुहूर्त51मि · पूजा मुहूर्त (मध्याह्न) के समय से टकराता है
  • यम गण्डम1घं 35मि

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
5:38 पूर्वाह्न
सूर्यास्त
6:19 अपराह्न
चंद्रोदय
12:40 अपराह्न
चंद्रास्त
1:51 पूर्वाह्न

पर्व का दिन

शुक्र, 12 अप्रैल का पंचांग

तिथि
नवमी, फिर दशमी
नक्षत्र
पुष्य
योग
धृति
करण
बालव
पक्ष
शुक्ल
मास
चैत्र
तिथि
नवमीआरंभ समाप्त फिर दशमीसमाप्त
नक्षत्र
पुष्यआरंभ समाप्त

चौघड़िया, दिन और रात

दिन

  • चलसामान्य
  • लाभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • कालबचें
  • रोगबचें
  • शुभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • चलसामान्य

रात

  • रोगबचें
  • कालबचें
  • लाभउत्तम
  • उद्वेगबचें
  • शुभउत्तम
  • अमृतउत्तम
  • चलसामान्य
  • रोगबचें

कहानी

राम नवमी: महत्व और अनुष्ठान

उनका जन्म चैत्र शुक्ल नवमी को मध्याह्न में हुआ था। यह त्योहार धर्म की अधर्म पर विजय का प्रतीक है।

अनुष्ठान

सूर्योदय से सूर्यास्त तक व्रत रखें। मध्याह्न में राम पूजा करें, रामायण पाठ करें, भजन गाएँ, राम मंदिर जाएँ। बाल राम की मूर्ति को पालने में रखें।

व्रत

पूरे दिन का व्रत सूर्यास्त के बाद तोड़ा जाता है। जो पूर्ण व्रत नहीं रख सकते उनके लिए फल और दूध की अनुमति है।

स्थानीय रंग

वाराणसी में राम नवमी

वाराणसी में भव्य राम नवमी समारोह होते हैं। संकट मोचन मंदिर और तुलसी मानस मंदिर विशेष आयोजन करते हैं। सजे हुए रथों के साथ शोभा यात्रा पुराने शहर से गुज़रती है। रामनगर किले में भी समारोह होते हैं।

आगे देखें

राम नवमी पर और