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पंचक्रोशी यात्रा तीर्थ परिक्रमा वाराणसी

पंचक्रोशी यात्रा तीर्थ परिक्रमा वाराणसी

Panchkroshi Yatra Pilgrimage Circuit Varanasi

पंचक्रोशी यात्रा: वाराणसी की पावन परिक्रमा

काशी को घेरने वाली प्राचीन पाँच कोस की यात्रा पर चलें।

पंचक्रोशी यात्रा वाराणसी के चारों ओर २५ किलोमीटर की परिक्रमा है जिसमें १०८ मंदिरों के दर्शन होते हैं। श्रद्धालु अस्सी घाट से आरंभ कर ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए गंगा तट पर लौटते हैं। यह परिक्रमा काशी की सीमा को परिभाषित करती है।

एक नज़र में

5दिन
5 कोसकुल परिक्रमा
108मंदिर
16वीं सदीग्रंथों में उल्लेख
25 किमीलगभग पैदल
5मुख्य पड़ाव

यात्रा के प्रमुख पड़ाव

पाँच पावन स्थल यात्रा की दैनिक लय तय करते हैं।

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कर्दमेश्वर

लंका के पास प्राचीन शिव मंदिर, पहला रात्रि विश्राम।

🌊

भीमचांदी

दक्षिणी किनारे पर चट्टानी पहाड़ी मंदिर।

🪔

रामेश्वर

पूर्वी गांव के पास तालाब के किनारे शिवलिंग।

📿

कपिलधारा

सारनाथ मार्ग के पास कपिल मुनि का पावन कुंड।

🪷

अस्सी घाट वापसी

अंतिम स्नान और परिक्रमा का समापन।

पाँच दिवसीय यात्रा क्रम

1

अस्सी से कर्दमेश्वर

भोर में अस्सी घाट से प्रस्थान, भेलूपुर गलियों से होकर।

2

कर्दमेश्वर से भीमचांदी

खेतों के बीच पहाड़ी मंदिर तक दोपहर तक पहुँच।

3

भीमचांदी से रामेश्वर

ग्रामीण रास्तों से पूर्वी मंदिर समूह तक।

4

रामेश्वर से कपिलधारा

मदुआडीह के पास होकर पावन झरने पर विश्राम।

5

कपिलधारा से अस्सी

परिक्रमा पूर्ण कर अस्सी घाट पर संध्या स्नान।

यहाँ रहने वालों के सुझाव

सही समय

शीत ऋतु या पितृ पक्ष के पखवाड़े में यात्रा करें जब भीड़ कम होती है।

कैसे पहुँचें

अस्सी घाट से आरंभ करें; थकान लगे तो ऑटो या साइकिल रिक्शा से पड़ाव तक जा सकते हैं।

क्या पहनें और लाएँ

हल्के सूती वस्त्र, सूती शॉल, मजबूत चप्पल और गंगा जल के लिए छोटा ताम्र लोटा।

स्थानीय परंपरा

प्रत्येक मंदिर में मेवा-मिठाई चढ़ाएँ; विश्वसनीय पंडों से ही प्रसाद लें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पंचक्रोशी यात्रा केवल हिंदुओं के लिए है?

हालाँकि यह हिंदू परंपरा से जुड़ी है, कई लोग काशी की जीवंत भूगोल को समझने के लिए खंडों में चलते हैं।

क्या इसे पाँच दिन से कम में पूरा किया जा सकता है?

अधिकांश श्रद्धालु पाँच दिनों का पारंपरिक क्रम पसंद करते हैं, पर छोटे खंड वाहन से भी किए जा सकते हैं।

प्रत्येक रात कहाँ ठहरते हैं?

कर्दमेश्वर, भीमचांदी, रामेश्वर और कपिलधारा के पास साधारण धर्मशालाएँ और ग्रामीण घर उपलब्ध हैं।

क्या मार्ग चिह्नित है?

पत्थर के निशान और स्थानीय ज्ञान मार्गदर्शन करते हैं; कashi विश्वनाथ मंदिर से नक्शा ले जाना उपयोगी है।

पंचक्रोशी मंदिर से क्या संबंध है?

यात्रा पाँच रक्षक मंदिरों से होकर गुजरती है जो काशी की पावन सीमा की रक्षा करते हैं।

क्या महिलाएँ अकेले चल सकती हैं?

महिलाएँ आमतौर पर समूह या परिवार के साथ जाती हैं; आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पंडे साथी का प्रबंध कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचकोशी यात्रा वाराणसी में एक महत्वपूर्ण तीर्थ यात्रा मार्ग है जो लगभग 84 किलोमीटर की दूरी तय करता है, जिसमें पांच पवित्र नगर शामिल हैं: वाराणसी, काशी, और तीन अन्य। तीर्थयात्री इस यात्रा को विभिन्न मंदिरों और पवित्र स्थलों की भेंट चढ़ाने के लिए करते हैं, आत्मिक merit और शुद्धिकरण की तलाश में। यह यात्रा पारंपरिक रूप से पांच दिनों में पूरी की जाती है, जिसमें भक्त पैदल या अन्य साधनों से यात्रा करते हैं।
काशी में, अधिकांश मंदिरों में शिवलिंग को छूने की अनुमति सामान्यतः नहीं है, जिसमें प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर भी शामिल है, क्योंकि इसे एक पवित्र वस्तु माना जाता है। भक्त आमतौर पर सम्मानित दूरी से प्रार्थना और अनुष्ठान करते हैं। हालांकि, कुछ छोटे मंदिरों में भिन्न प्रथाएँ हो सकती हैं, इसलिए स्थानीय परंपराओं का अवलोकन करना सबसे अच्छा है।
5 कोसी परिक्रमा, जिसे पंचक्रोशी यात्रा भी कहते हैं, वाराणसी में एक पवित्र तीर्थ यात्रा है जो लगभग 80 किलोमीटर तक फैली होती है। इसमें वाराणसी के चारों ओर स्थित पांच मुख्य स्थानों—काशी, काशी विश्वनाथ और अन्य—का दौरा शामिल होता है, और यह परंपरागत रूप से कई दिनों में पैदल की जाती है, जिससे तीर्थयात्री आशीर्वाद प्राप्त कर सकें और क्षेत्र के आध्यात्मिक वातावरण में खुद को डुबो सकें। इस यात्रा को बेहद शुभ माना जाता है और अक्सर खास धार्मिक त्योहारों के दौरान की जाती है।
यह पंचकोशी यात्रा पांच दिनों में पूरी की जानी चाहिए और भक्त अपने आध्यात्मिक पथ में पूरी तरह डूबे रहते हैं। अगले दिन वे कंडवा से अपनी यात्रा शुरू करते हैं और उनका अगला स्टॉप भीमचंडी होता है, जहाँ वे मोहर देवी की पूजा करते हैं और रस्म निभाते हैं और फिर अपने अगले गंतव्य की ओर बढ़ते हैं।